राष्ट्रीय सरस मेला 2026 विजयवाड़ा: 1,500+ महिला उद्यमियों की पूरी गाइड, तारीख़ें और योजनाएँ

DeepShodh TeamOctober 14, 20268 min read

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 विजयवाड़ा में 13–31 अक्टूबर तक: 30+ राज्यों की 1,500+ महिला उद्यमी, 576 स्टॉल, हस्तशिल्प व खान-पान। तारीख़ें, गाइड व योजनाएँ।

अगर आपको लगता है कि गाँव-कस्बों की महिलाओं का हुनर सिर्फ़ उनके घर की दीवारों तक सीमित है, तो आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में चल रहा राष्ट्रीय सरस मेला 2026 आपकी यह सोच बदल देगा। पुन्नमी घाट पर 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 1,500 से ज़्यादा महिला उद्यमी एक ही जगह डेरा डाले हुए हैं — पंजाब की फुलकारी से मिज़ोरम की पौंचेई तक, और कश्मीर के पश्मीना से तेलंगाना के इकत तक।

यह लेख सिर्फ़ 'मेला शुरू हो गया' वाली ख़बर नहीं है। इसमें वे चार सवाल हैं जो एक जागरूक पाठक पूछता है — यह मेला आख़िर क्या है और इस बार क्यों ख़ास है, विजयवाड़ा में क्या-क्या मिलेगा, इसके पीछे कौन-सी सरकारी योजनाएँ काम करती हैं, और एक आम नागरिक या महिला उद्यमी के तौर पर इससे आपको क्या मिल सकता है।

सरस मेला 2026: एक नज़र में

तपशीलजानकारी
आयोजनराष्ट्रीय सरस मेला (सरस आजीविका मेला) 2026
स्थानपुन्नमी घाट, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)
तिथियाँ13–31 अक्टूबर 2026
उद्घाटनराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 15 अक्टूबर
आयोजककेंद्र व राज्य सरकारें; सोसाइटी फ़ॉर एलिमिनेशन ऑफ़ रूरल पॉवर्टी (SERP), आंध्र प्रदेश
प्रतिभागी30+ राज्यों/UT की 1,500+ महिला उद्यमी
स्टॉल576

सरस मेला आख़िर है क्या?

सरस (सरस आजीविका मेला) केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल है, जो 'दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' (DAY-NRLM) के तहत चलती है। इसका सीधा मक़सद है — गाँवों की स्वयं सहायता समूह (SHG) की कारीगरों और उत्पादकों को शहरी ग्राहकों से सीधे जोड़ना। मेला उन्हें तीन चीज़ें देता है: अपने सामान की बिक्री का मंच, शहरी ग्राहकों की बदलती पसंद की समझ, और पैकेजिंग-डिज़ाइन व बाज़ार-कौशल की ट्रेनिंग। यही वजह है कि सरस मेला एक मेले से बढ़कर 'बाज़ार से जुड़ने की प्रयोगशाला' बन जाता है।

27 साल की परंपरा — और पहली बार दिल्ली के बाहर

देश में सरस मेले 1999 से हो रहे हैं। सितंबर 2025 में दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हुआ 27वाँ संस्करण 'मेकिंग ऑफ़ लखपति दीदीज़' थीम पर था, जहाँ 400 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने अपने उत्पाद दिखाए। 2026 का विजयवाड़ा संस्करण इसलिए ऐतिहासिक है कि राष्ट्रीय सरस मेला पहली बार दिल्ली-NCR के बाहर हो रहा है। यह अपने आप में एक संदेश है — ग्रामीण भारत का बाज़ार अब केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा।

विजयवाड़ा में क्या-क्या होगा?

तारीख़ें, स्थान और उद्घाटन

मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक पुन्नमी घाट, विजयवाड़ा में चलेगा और इसका उद्घाटन 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नाम इस आयोजन की गंभीरता दिखाते हैं। मेला दशहरा-शरन्नवरात्रि उत्सवों और 'विजयवाड़ा उत्सव 2.0' के साथ चल रहा है, जिससे शहर में उत्सव का माहौल है।

ध्यान दें: शुरुआत में मेले की तिथियाँ 8–22 अक्टूबर बताई गई थीं, बाद के आधिकारिक अपडेट में इन्हें 13–31 अक्टूबर कर दिया गया। यात्रा की योजना बनाते समय ताज़ा तिथि ही मानें।

576 स्टॉल — कौन-सा राज्य आगे?

इस बार स्टॉल की संख्या 576 है, जिसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी आंध्र प्रदेश की है (208 स्टॉल)। इसके बाद राजस्थान (24), मध्य प्रदेश (23), उत्तर प्रदेश (22), महाराष्ट्र (21), पश्चिम बंगाल (19), केरल (17) और पंजाब (17) जैसे राज्य आते हैं। यानी एक ही मेले में आप देश के लगभग हर कोने की कारीगरी देख सकते हैं।

एक ही छत के नीचे पूरा भारत

हस्तशिल्प और हथकरघा

यही सरस मेला की असली दुकान है। कश्मीर का पश्मीना, पंजाब की फुलकारी, तेलंगाना का इकत और टेलिया कपड़ा, मिज़ोरम की पौंचेई — इनके साथ मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक चित्रकला भी मिलती है। हर स्टॉल के पीछे एक महिला उद्यमी की कहानी होती है, जिसने अपने हुनर को आजीविका में बदला।

क्षेत्रीय खान-पान और 'स्वयं AP'

सिर्फ़ कपड़ा-हस्तशिल्प ही नहीं — देश भर के पारंपरिक व्यंजन और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद भी यहाँ मिलते हैं। आंध्र प्रदेश इस मौक़े पर अपने SHG-निर्मित उत्पादों का ब्रांड 'स्वयं AP' प्रचारित कर रहा है — एक ऐसा प्रयास जो 'वोकल फ़ॉर लोकल' को ज़मीन पर उतारता है।

सरस मेला सिर्फ़ बाज़ार नहीं, एक पूरा इकोसिस्टम

DAY-NRLM: जड़ में क्या है?

सरस मेले की जड़ 'दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' (DAY-NRLM) है — केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना, जिसमें ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जाता है। इसके तहत हर राज्य की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) को साल में कम से कम दो सरस मेले आयोजित करने होते हैं। यही वजह है कि एक राष्ट्रीय मेले के पीछे पूरे साल चलने वाली योजना-व्यवस्था होती है। ग्रामीण आजीविका से जुड़ी एक और ताज़ा सरकारी पहल हमने गोबरधन योजना: गोबर से सोना में विस्तार से समझाई है।

लखपति दीदी: मेले का सबसे बड़ा 'उत्पाद'

'लखपति दीदी' वह SHG सदस्य होती है जिसकी घर की सालाना आय ₹1 लाख से ऊपर हो और औसतन महीने की आय ₹10,000 या ज़्यादा कम-से-कम चार कृषि सीज़न/व्यापार चक्रों तक टिकी रहे। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक देशभर में 3.46 करोड़ से ज़्यादा महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि लक्ष्य 6 करोड़ का है। इसे पूरा करने के लिए 'स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम' (SVEP) जैसे कार्यक्रम गाँवों में ग़ैर-कृषि छोटे उद्यम खड़े करते हैं, और एक नए राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान के तहत 50 लाख SHG सदस्यों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। निगरानी के लिए LokOS जैसी डिजिटल व्यवस्थाएँ इस्तेमाल होती हैं।

eSARAS: मेला ख़त्म होगा, बिक्री नहीं

मेला तो 31 अक्टूबर को बंद हो जाएगा, लेकिन इसका डिजिटल रूप eSARAS कायम रहेगा। यह 'डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन' के सहयोग से बना ऑनलाइन बाज़ार है, जहाँ SHG और ग्रामीण कारीगरों के उत्पाद Flipkart, Amazon और Meesho जैसे प्लैटफ़ॉर्मों तक पहुँचाए जाते हैं। यही सरस मेले की असली ताक़त है — यह बिक्री को एक मौसम की घटना नहीं, सालभर की आय बनाने की कोशिश करता है।

आँकड़े क्या बताते हैं?

वित्त वर्ष 2025-26 में चार राष्ट्रीय स्तर के सरस मेलों में कुल मिलाकर ₹35.73 करोड़ की बिक्री हुई। यह संख्या बताती है कि यह केवल 'प्रदर्शनी' नहीं — यह असली ग्राहक, असली मुनाफ़ा और असली आजीविका है। जब गाँव की महिला को अपने हाथ के काम की उचित क़ीमत मिलती है, तो वह पैसा बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अगले उद्यम में लगता है।

कमाई को पूँजी में कैसे बदलें?

एक कारीगर या उद्यमी के लिए अगली सीढ़ी यही है — कमाई को सिर्फ़ खर्च न करके व्यवस्थित बचत और निवेश में बदलना। नियमित, छोटी बचत की आदत कैसे बड़ा नतीजा देती है, यह सितंबर 2026 में SIP के रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ की कहानी में साफ़ दिखता है, और बाज़ार से जुड़े नए नियम SEBI के म्यूचुअल फंड नियम 2026 में समझाए गए हैं।

आम नागरिक के तौर पर आप क्या कर सकते हैं?

  • अगर आप विजयवाड़ा के आसपास हैं: 13–31 अक्टूबर के बीच पुन्नमी घाट जाएँ और सीधे कारीगरों से ख़रीदें — बिचौलिए की कमीशन ख़त्म, और आपके पैसे का पूरा फ़ायदा कारीगर तक पहुँचता है।
  • अगर नहीं जा सकते: eSARAS और अन्य ऑनलाइन मंचों पर इन SHG उत्पादों को खरीदकर आप इन महिला उद्यमियों की 'शहरी ग्राहक' बन सकते हैं।
  • अगर आप एक महिला उद्यमी हैं: अपने ज़िले की SRLM से संपर्क करें — SHG से जुड़ना, ऋण-सुविधाएँ, SVEP के तहत उद्यम प्रशिक्षण और आगामी मेलों में स्टॉल पाना, ये सब औपचारिक रास्ते मौजूद हैं।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 सिर्फ़ खरीद-बिक्री का आयोजन नहीं — यह भारत के ग्रामीण उद्यम को एक अहम मोड़ पर दिखाता है। जहाँ कभी गाँव की कारीगरी स्थानीय हाट तक सीमित थी, वहाँ आज वही उत्पाद राष्ट्रपति की उपस्थिति में, 30 राज्यों के साथ, और ऑनलाइन बाज़ारों तक पहुँच बना रहा है। अगली बार जब आप हैंडलूम या हस्तशिल्प ख़रीदें, तो सोचिए — यह ख़रीद एक परिवार की आय, एक बच्चे की पढ़ाई और एक गाँव की अर्थव्यवस्था से जुड़ी हो सकती है। यही 'वोकल फ़ॉर लोकल' का असली अर्थ है।

वारंवार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 कब और कहाँ हो रहा है?

मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर के पुन्नमी घाट पर आयोजित है। इसका उद्घाटन 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।

सरस मेला का आयोजन कौन करता है?

सरस मेला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की 'दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' (DAY-NRLM) के तहत आयोजित होता है। विजयवाड़ा संस्करण में केंद्र व राज्य सरकारें, सोसाइटी फ़ॉर एलिमिनेशन ऑफ़ रूरल पॉवर्टी (SERP) के साथ मिलकर आयोजन कर रही हैं।

इस बार का सरस मेला ख़ास क्यों है?

दो कारणों से — पहला, यह पहली बार है जब राष्ट्रीय सरस मेला दिल्ली-NCR के बाहर हो रहा है; दूसरा, इसमें 30 से अधिक राज्यों की 1,500+ महिला उद्यमी और 576 स्टॉल हिस्सा ले रहे हैं।

सरस मेला में क्या-क्या मिलता है?

देश भर के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद और पारंपरिक खान-पान — जैसे पश्मीना, फुलकारी, इकत, डोकरा कला, मीनाकारी, पीतल के बर्तन और क्षेत्रीय व्यंजन। मेला इन उत्पादों की सीधी बिक्री, ब्रांडिंग और बाज़ार-जोड़ने में मदद करता है।

क्या सरस मेले के उत्पाद ऑनलाइन भी मिलते हैं?

हाँ। eSARAS नाम का डिजिटल बाज़ार ग्रामीण SHG और कारीगरों के उत्पाद Flipkart, Amazon और Meesho जैसे प्लैटफ़ॉर्मों पर उपलब्ध कराता है, जिससे मेला ख़त्म होने के बाद भी आप उनसे ख़रीद सकते हैं।

टिप: इस लेख की तिथियाँ, उद्घाटन और आँकड़े अक्टूबर 2026 के आधिकारिक अपडेट पर आधारित हैं। मेले की तारीख़ों में बदलाव हो सकता है — यात्रा से पहले ताज़ा सरकारी सूचना ज़रूर देखें।

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